किरायेदारों को कम जोखिम वाले फैसले चाहिए
किराये के स्पेस की समस्या आमतौर पर क्रिएटिविटी नहीं बल्कि सीमाएँ होती हैं। आपको जानना होता है कि रग, लाइट या लेआउट सच में कमरे को बेहतर बनाएँगे या नहीं।
उसी कमरे को देखें जो आपके पास सच में है
रेंटल स्पेस में फिक्स्ड फ्लोर, सफेद दीवारें, अजीब खिड़कियाँ और मौजूदा फर्नीचर होता है। अपनी फोटो इस्तेमाल करने से ये सीमाएँ फैसले में बनी रहती हैं।
सबसे असरदार बदलाव पहले जाँचें
ज्यादातर किरायेदारों के लिए लेआउट, रग का आकार, लाइटिंग और कलर दिशा सबसे पहले टेस्ट करने लायक चीज़ें हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
किरायेदारों को अलग तरह के विज़ुअलाइज़र की जरूरत क्यों है?
क्योंकि वे सीमित स्पेस में रिवर्सिबल और कम-जोखिम वाले बदलावों को परखते हैं, पूरी रेनोवेशन नहीं सोचते।
क्या Intero पूरे कमरे को बदले बिना भी मदद करता है?
हाँ। यह लेआउट, रग, लाइटिंग और कलर जैसी केंद्रित चीज़ों के लिए बहुत उपयोगी है।
पहले क्या टेस्ट करना चाहिए?
अक्सर लेआउट और फर्नीचर स्केल, क्योंकि यही बाकी ज्यादातर फैसलों को प्रभावित करते हैं।